महिला या पुरुष, किसे चाहिए अधिक नींद और क्यों
भारत में आमतौर पर स्त्रियां घर में सबसे पहले उठती है और देर से सोती हैं। क्या आप जानते हैं कि अधिक नींद की जरूरत किसे अधिक हैं स्त्रियों को या पुरूषों को। इस सवाल पर पश्चिमी देशों में काफी समय से बहस होती आ रही है लेकिन अब शोधकर्ताओं ने इसका जवाब ढूंढ लिया है। कुछ शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोधों में पाया गया कि जो महिलाएं पर्याप्त नींद नहीं ले पाती वे अवसाद से ग्रस्त हो जाती है और उसमें चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलायें दिन भर अधिक मल्टी टास्टकिंग करती हैं इसलिए उनके मस्तिष्क को रिकवर करने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए स्त्रियों को अधिक देर तक सोना चाहिए। साइंस वर्ल्ड रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों में कम नींद लेने पर इस प्रकार की समस्या नहीं देखी जाती। पिछले कई शोधों में हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य, स्ट्रोक और शरीर में सूजन आदि जैसी समस्याओं को नींद की कमी से जोड़कर देखा जाता रहा है। कुछ डॉक्टर का कहना है कि नींद की कमी से होने वाली इस परेशानी से बचने के लिए महिलायें दिन में झपकियां ले सकती हैं लेकिन इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि महिलाओं द्वारा ली जाने वाली झपकी नब्बे मिनट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए अन्यथा महिलाओं को रात में सोने में परेशानी हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नींद लेने का एक बड़ा फायदा यह है कि इस दौरान मस्तिष्क रिकवर और रिपेयर का काम करता है। उनके अनुसार गहरी नींद, मस्तिष्क को विचार, याद्दाश्त और भाषा आदि को सुदृढ़ करने में मदद करती है। आप दिन भर में जितना दिमाग इस्तेमाल करते हैं, आपको उतना रिकवर करने की जरूरत होती है जो नींद के दौरान ही संभव हो पाता है। इसलिए अच्छी नींद लेना अति आवश्यक है। शोधकर्ताओं के अनुसार महिलाओं को अधिक नींद की जरूरत इसलिए होती है क्योंकि वे पुरुषों के मुकाबले अधिक मल्टी टास्किंग होती हैं लेकिन जन पुरुषों को नौकरी में अधिक मानसिक कार्य करना पड़त है उन्हें भी अधिक नींद की जरूरत होती है।
भारत में आमतौर पर स्त्रियां घर में सबसे पहले उठती है और देर से सोती हैं। क्या आप जानते हैं कि अधिक नींद की जरूरत किसे अधिक हैं स्त्रियों को या पुरूषों को। इस सवाल पर पश्चिमी देशों में काफी समय से बहस होती आ रही है लेकिन अब शोधकर्ताओं ने इसका जवाब ढूंढ लिया है। कुछ शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोधों में पाया गया कि जो महिलाएं पर्याप्त नींद नहीं ले पाती वे अवसाद से ग्रस्त हो जाती है और उसमें चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलायें दिन भर अधिक मल्टी टास्टकिंग करती हैं इसलिए उनके मस्तिष्क को रिकवर करने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए स्त्रियों को अधिक देर तक सोना चाहिए। साइंस वर्ल्ड रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों में कम नींद लेने पर इस प्रकार की समस्या नहीं देखी जाती। पिछले कई शोधों में हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य, स्ट्रोक और शरीर में सूजन आदि जैसी समस्याओं को नींद की कमी से जोड़कर देखा जाता रहा है। कुछ डॉक्टर का कहना है कि नींद की कमी से होने वाली इस परेशानी से बचने के लिए महिलायें दिन में झपकियां ले सकती हैं लेकिन इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि महिलाओं द्वारा ली जाने वाली झपकी नब्बे मिनट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए अन्यथा महिलाओं को रात में सोने में परेशानी हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नींद लेने का एक बड़ा फायदा यह है कि इस दौरान मस्तिष्क रिकवर और रिपेयर का काम करता है। उनके अनुसार गहरी नींद, मस्तिष्क को विचार, याद्दाश्त और भाषा आदि को सुदृढ़ करने में मदद करती है। आप दिन भर में जितना दिमाग इस्तेमाल करते हैं, आपको उतना रिकवर करने की जरूरत होती है जो नींद के दौरान ही संभव हो पाता है। इसलिए अच्छी नींद लेना अति आवश्यक है। शोधकर्ताओं के अनुसार महिलाओं को अधिक नींद की जरूरत इसलिए होती है क्योंकि वे पुरुषों के मुकाबले अधिक मल्टी टास्किंग होती हैं लेकिन जन पुरुषों को नौकरी में अधिक मानसिक कार्य करना पड़त है उन्हें भी अधिक नींद की जरूरत होती है।
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